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Circular
Ref. No:IRDA/F&I/CIR/INV/085/04/2020 Date:08-04-2020
Rescheduling of Term Loans in the context of outbreak of Covid-19

 

संदर्भ: आईआरडीएआई/एफएण्डआई/सीआईआर/आईएनवी/085/04/2020 8 अप्रैल 2020

REF: IRDA/F&I/CIR/INV/085/04/2020 8th April, 2020

 

परिपत्र

CIRCULAR

 

सभी बीमाकर्ताओं के सीईओ / The CEOs of all Insurers,

 

विषयः कोविड-19 के प्रकोप के संदर्भ में मीयादी ऋणों का पुनर्निर्धारण

Sub: Rescheduling of Term Loans in the context of outbreak of Covid-19

 

प्राधिकरण को कोविड-19 के प्रकोप के संदर्भ में बीमाकर्ताओं द्वारा मंजूर किये गये मीयादी ऋणों की चुकौती पर अधिस्थगन (मारटारियम) की माँग करते हुए उद्योग संघों से अभ्यावेदन प्राप्त हुए हैं। भारतीय रिज़र्व बैंक ने मीयादी ऋणों के उधारकर्ताओँ को कुछ अधिस्थगन प्रदान करते हुए निर्देश दिनांक 27 मार्च 2020 जारी किये हैं। उधारकर्ताओं द्वारा अनुभव की जा रही नकदी प्रवाह संबंधी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए तथा भारतीय रिज़र्व बैंक के निर्देशों के अनुरूप, मीयादी ऋणों की चुकौती पर अधिस्थगन प्रदान करने के संबंध में इसके द्वारा निम्नलिखित अनुदेश जारी किये जाते हैं :

The Authority has received representations from industry associations seeking moratorium on repayment of term loans sanctioned by the Insurers, in the context of outbreak of Covid-19. RBI has issued directions dt. 27th March, 2020, providing certain moratorium to the borrowers of Term Loans. Considering the cashflow problems faced by the borrowers and in line with the RBI directions, the following instructions on providing moratorium on repayment of term loans are hereby issued:

 

क.    बीमाकर्ताओं को मीयादी ऋणों के संबंध में 1 मार्च 2020 और 31 मई 2020 के बीच देय होनेवाली किस्तों के भुगतान हेतु तीन महीने का अधिस्थगन प्रदान करने के लिए अनुमति दी जाती है। ऐसे ऋणों के लिए चुकौती कार्यक्रम और साथ ही अवशिष्ट अवधि (टेनर) को अधिस्थगन अवधि के उपरांत तीन महीने के लिए सभी स्तरों पर आगे अंतरित किया जाएगा।

a.    In respect of term loans, insurers are permitted to grant a moratorium of three months towards payment of instalments falling due between 1st March, 2020 and 31st May, 2020. The repayment schedule for such loans and also the residual tenor, will be shifted across the board by three months subsequent to the moratorium period.

 

ख.   इस प्रकार की अधिस्थगन अवधि के दौरान उक्त मीयादी ऋणों के बकाया अंश पर ब्याज का उपचित होना जारी रहेगा।

b.    Interest shall continue to accrue on the outstanding portion of the term loans during such moratorium period.

 

 

ग.    उपर्युक्त बिन्दु सं. (क) के अनुसार जिन मीयादी ऋणों के लिए राहत प्रदान की जाती है उनके आस्ति वर्गीकरण का निर्धारण संशोधित नियत दिनांकों और संशोधित चुकौती कार्यक्रम के आधार पर किया जाएगा।

c.    The asset classification of term loans which are granted relief as per point no.(a) above shall be determined on the basis of revised due dates and revised repayment schedule.

 

घ.     ब्याज सहित, भुगतानों का पुनर्निर्धारण अनर्जक आस्तियों (एनपीए) की सूचना देने के प्रयोजन के लिए चूक के रूप में अर्हता प्राप्त नहीं करेगा।

d.    The rescheduling of payments, including interest, will not qualify as a default for the purpose of reporting of NPAs.

 

ङ.     बीमाकर्ता सभी पात्र उधारकर्ताओं को उपर्युक्त राहतें प्रदान करने के लिए बोर्ड द्वारा अनुमोदित नीतियाँ बनाएँगे।

e.    Insurers shall frame Board approved policies to extend above mentioned reliefs to all eligible borrowers.

 

च.    समवर्ती लेखा-परीक्षक जून 2020 को समाप्त तिमाही के लिए अपनी रिपोर्टों में यह पुष्टि करेंगे कि बीमाकर्ताओं ने अधिस्थगन अवधि प्रदान करने में बोर्ड द्वारा अनुमोदित नीति का पालन किया है।

f.     Concurrent Auditors in their reports for the quarter ending June, 2020 shall confirm that the insurers have complied with the Board Approved policy in granting moratorium.

 

यह सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन से जारी किया जाता है।

This is issued with the approval of Competent Authority.

 

 

 

(एस. एन. जयसिंहन / S N Jayasimhan)

विभाग प्रमुख – निवेश HOD-Investments

 

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